Hull Theory of Reinforcement 2022

पुनर्बलन / प्रबलन का सिद्धांत या हल का सिद्धांत  ( Hull Theory of Reinforcement )

Hull Theory of Reinforcement
  • प्रतिपादन            क्लार्क एस हल
  • नाम                   क्लार्क लियोनार्ड हल
  • देश                     अमेरिका
  • जन्म                  1884
  • मृत्यु                   1952

हल के अनुसार Hull Theory of Reinforcement मे सीखना आवश्यकता की पूर्ति की प्रक्रिया द्वारा होता हैं। स्कीनर ने इसी सिद्धान्त को सभी सिद्धान्तों में सर्वश्रेष्ठ सिद्धांत कहा है। इन्होंने यह सिद्धांत थार्नडाइक व पावलव पद्धति पर दिया। सन 1915 में अपनी पुस्तक Principles Behavior (प्रिन्सिपल बिहेवियर)   “व्यवहार के सिद्धांत ”  में यह सिंद्धात दिया।

पुनर्बलन सिद्धांत के अन्य नाम (Other Names of Hull Theory of Reinforcement)

  • चालक न्यूनता सिद्धांत (Drive reduction theory)
  • आवश्यकता की कमी पूर्ति का सिद्धांत (Need satisfaction theory)
  • यथार्थ का सिद्धांत (The principle of reality)
  • उद्दीपक-प्रतिक्रिया सिद्धांत (Stimulus-response theory)
  • अंतरनाद न्यूनता का सिद्धांत
  • सबलीकरण का सिद्धांत
  • सतत अधिगम का सिद्धांत
  • गणितीय सिद्धांत
  • परिकल्पित निगमन सिद्धांत
  • आवश्यक अवकलन सिद्धांत
  • जैविकीय अनुबन्ध का सिद्धांत
  • परिष्कृत सिद्धांत

Hull Theory of Reinforcement सिद्धांत क्लार्क एस हल के द्वारा दिया गया।  इनके अनुसार आवश्यकता (Need) अधिगम का आधार है अथार्त आवश्यकता ही चालक (Drive) है। आवश्यकता पूरी होते ही चालक कम हो जाता है जिससे अधिगम की दर कम होने लगती है।

पुनर्बलन देने के आधार पर कितने प्रकार का होता है ?

पुनर्बलन देने के आधार पर दो प्रकार का होता है, जो निम्नानुसार है:

  1. सतत पुनर्बलन
  2. असतत / आंशिक पुनर्बलन

उदाहरण:- एक बालक को पाँच प्रश्न हल करने के लिए दिये और पाँच प्रश्न पर ही उसे लगातार पुनर्बलन शाबास, तू तो होशियार बच्चा है, इस क्लास का Topper है। ऐसा पुनर्बलन देना सतत् पुनर्बलन कहलाता है। कर्मचारी को महीने के अंत में सैलेरी देना अर्थात् फिक्स टाइम पर पुनर्बलन प्राप्त होना असतत पुनर्बलन के अन्तर्गत आता है।

मिलर एवं डॉलार्ड का प्रयोग (Experiment of Miller & Dollard)

  • मिलर एवं डॉलार्ड ने छः वर्ष की एक लड़की पर प्रयोग किया जब लड़की भूखी थी तो उसे बताया गया की किताबों की अलमारी में एक किताब के नीचे कैंडी छिपी हुई है।
  • लड़की कैंडी को पाने के लिए किताबों को बाहर निकालना शुरू कर देती है। और लगभग 210 सेकंड के बाद वह सही किताब पा लेती जिसके नीचे कैंडी छुपी है।
  • इसके पश्चात उसे कमरे से बाहर भेज दिया जाता है। और उसी किताब के नीचे एक अन्य कैंडी को छिपा दिया जाता है। इस बार वह लड़की कैंडी को 86 सेकंड में ही ढूंढ लेती है।
  • इस प्रयोग को बार-बार दोहराने पर नौवें पुनरावृत्ति पर वह लड़की तुरंत 2 सेकंड में ही उस कैंडी उस पा लेती है।
  • कैंडी को पाना लड़की के लिए चालक (Drive) का प्रदर्शन है और पुस्तकों के नीचे कैंडी को ढूँढना उस चालक को कम करने के लिए की गयी अनुक्रिया (Response) है।
  • अंततः सही पुस्तक मिलने पर उसे अनुक्रिया के लिए पुरस्कार मिला जिसके कारण उसकी आदत बना गई।
क्लार्क एस हल के अनुसार

यदि  थार्नडाइक के प्रयोग में  भूखी बिल्ली को भोजन दे दिया जाए। तो वह उछल कूद करना बंद कर देती है। तथा उस पर बाह्य उद्दीपक का प्रभाव नहीं पड़ता है।

Hull Theory of Reinforcement का शिक्षा में उपयोग

  • सीखना तभी सार्थक होता है जब वह आवश्यकता की पूर्ति करें।
  • छात्रों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर ही पाठ्यक्रम का निर्माण किया जाना चाहिए (व्यवसायिक शिक्षा का सूत्रपात)
  • शिक्षा प्रदान करते समय प्राथमिक व द्वितीयक पुनर्बलन का ध्यान रखना चाहिए।
  • यह सिद्धांत सीखने में प्रेरणा पर बल देता है।
  • आन्तरिक अभिप्रेरणा पर बल देता है।
  • अधिगम कभी भी व्यर्थ नहीं होता है।
  • उद्देश्य की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

Read Next Article  : Ausubel Learning Theory

1 thought on “Hull Theory of Reinforcement 2022”

Leave a Comment