Povlov theory पॉवलाव का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत 2022

पॉवलाव सामान्य परिचय (Introduction Of Povlov theory)

Povlov theory ( 26 सितंबर 1849 – 27 फरवरी 1936)

एक रुसी फिजियोलॉजिस्ट थे। पावलोव ने 1904 में फिजियोलॉजी या मेडिसिन के लिए नोबेल पुरस्कार जीता था, यह पहला रूसी नोबेल पुरस्कार विजेता था।

2002 में प्रकाशित सामान्य मनोविज्ञान की समीक्षा में एक सर्वेक्षण, 20 वीं शताब्दी के 24 वें सबसे उद्धृत मनोचिकित्सक के रूप में पावलोव को स्थान दिया था। शास्त्रीय कंडीशनिंग अथवा चिर प्रतिष्ठित प्रानुकूलन पावलोव के सिद्धांत विभिन्न शैक्षणिक कक्षाओं सहित प्रयोगात्मक और नैदानिक ​​सेटिंग्स में संचालित करने के लिए गए हैं।

जन्म 26 सितम्बर 1849
Ryazan, Russian Empire
मृत्यु 27 फ़रवरी 1936 (उम्र 86)
Leningrad, सोवियत संघ
आवास Russian Empire, सोवियत संघ
राष्ट्रीयता सोवियत रूस
क्षेत्र शरीर विज्ञानी, चिकित्सक

 

इस सिद्धांत के शैक्षिक निहितार्थ- विद्यार्थियों ने अच्छी आदतों का निर्माण करना- माता बच्चों को सुबह नींद से जगाती है तो बालक उठ जाता है ये स्वाभाविक उद्दीपक से स्वाभाविक अनुक्रिया हुई, अब माता बालक को उठाने से पहले बल्ब जलाती है बाद में आवाज लगाती है ये क्रिया ज्यादा समय तक होती है तो बालक बल्ब जलते ही उठ जायेगा|

पशुओं के प्रशिक्षण में- यदि सर्कस के शेर के प्रशिक्षण में सिखाया जाता है कि चाबुक से मारने पर शेर रिंग के अन्दर से छलांग लगाता है तो चाबुक से मरना स्वाभाविक उत्तेजक हुआ,यदि चाबुक मारने से पहले किसी भोंपू की आवाज सुने जाती है तो थोड़े ही दिनों में शेर भोंपू व चाबुक से अनुबंध स्थापित कर लेता है और अब मात्र भोंपू बजने से वह छलांग मारता है|

भय दूर करने में- बालक प्राय: पुलिस,डाक्टर,चूहा आदि को देखकर दर जाते है क्योकि उनके साथ वहा अनुबंध स्थापित कर चुके होते है| यदि इनके इस डर को दूर करना है तो प्रति अनुबंध के द्वारा किया जा सकता है|

पॉवलाव का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत के अन्य नाम  ( Povlov theory )

  • शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत
  • प्राचीन अनुबंधन सिद्धांत
  • सम्बन्ध प्रत्यावर्तन का सिद्धांत
  • सहज अनुबंधन सिद्धांत
  • सम्बद्ध प्रतिक्रिया का सिद्धांत
  • परम्परा अनुबंधन का सिद्धांत
  • अनुबंधन का सिद्धांत
  • अनुकूलित अनुक्रिया का सिद्धांत
  • प्रतिवादी अनुबधन सिद्धांत
  • अनुबंधित अनुक्रिया का सिद्धांत
  • क्लासिकल अनुबंधन सिद्धांत

पावलाव का प्रयोग ( Povlov theory experiment )

पावलॉव ने अपने प्रयोग  Povlov theory के आधार पर अनुक्रियाओं को दो भागों में विभाजित किया

  1. स्वाभाविक अनुक्रियाएँ, जो जन्मजात होती है।
  2. अस्वाभाविक अनुक्रियाएँ, जो अर्जित व मनोवैज्ञानिक होती है।

पावला ने अपने पालतू कुत्ते पर प्रयोग किया । जिससे उसने एक आवाज रहित कक्ष तैयार कराया तथा कुत्ते को भूखा रखकर प्रयोग करने वाली मेज के साथ बांध दिया , कक्ष में एक खिड़की थी जिसमें से सब कुछ देखा जा सकता था पावलव में कुत्ते की लार नली को काटकर इस प्रकार नियोजित भी किया ताकि कुत्ते के मुंह से टपकने वाली लार स्वता ही कांच की ट्यूब (Tube) में एकत्रित हो जाए

Povlov theory प्रयोग का आरंभ किस प्रकार किया जाता था । पावलव ने कुत्ते के सामने गोश्त का टुकड़ा रखा स्वभाविक है।

 

गंध स्वाद के कारण गोश्त को देखते ही कुत्ते के मुंह से लार टपकने लगी और वह कांच की ट्यूब (Tube) में एकत्रित होती गई एकत्रित हुई लाल की मात्रा का माप लिया गया ।

पावलव ने भोजन रखने के साथ-साथ घंटी (Bell) भी बजाई और कुत्ते के व्यवहार का निरीक्षण करने पर पाया कि इस बार कुत्ते के मुंह से बराबर लाल टपकने शुरू हो गई। इस प्रयोग को उसने कई बार दोहराया अर्थात जब जब कुत्ते को खाना दिया गया घंटी(Bell) बजाई गई प्रयोग के अंतिम चरण में उसने केवल घंटी बजाई खाना नहीं दिया और प्रतिक्रिया को देखा उसने देखा कि कुत्ता अब भी पहले की तरह लाल टपका रहा है   इससे उसने यह निष्कर्ष निकाला कि कुत्ता घंटी की आवाज से प्रतिबंध हो गया है।

  • पावलोव का प्रयोग के प्रयोग में भोजन स्वाभाविक उद्दीपक (Natural stimulant) है, जिसे अनअनुबन्धित उद्दीपन (Unconditioned Stimulus,UCS) कहा जाता है।
  • भोजन को देखने पर कुत्ते के मुँह में लार आना एक स्वाभाविक अनुक्रिया (Natural  Response) है, जिसे अनअनुबन्धित अनुक्रिया (Unconditioned Response ,UCR) कहा गया है।
  • भोजन देने से पहले घंटी बजाना अनुबंधित उद्दीपक (Conditioned Stimulus ,CS) कहा है

अगर कुत्ते को भोजन न देकर केवल घंटी (अनुबंधित उद्दीपक CS) ही बजाई जाए तो लार आना अनुबंधित अथवा अस्वाभाविक अनुक्रिया (Conditioned Response, CS)  है।

जॉन बी. वॉटसन द्वारा शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत का मानव पर प्रयोग (Experiment of Classical Conditioning Theory on Human by John B. Watson)

जॉन बी. वॉटसन ने पावलोव के प्रयोग को मनुष्य पर लागू किया 1921 ई. में वाटसन ने एक 11 महीने के शिशु अल्बर्ट का अध्ययन किया। वाटसन में अल्बर्ट को सफेद चूहे से डरने के लिए सफेद चूहे को तेज तथा डरी हुई आवाज के साथ फैंकते।

पहले  अल्बर्ट के सामने चूहा आने पर डर का कोई संकेत नहीं दिखाता, लेकिन जब चूहे को तेज तथा डरी हुई आवाज (UCS) छोड़ा, तो अल्बर्ट चूहों से डरने लगा।

Stages of Classical Conditioning

1. उद्दीपक सामनीयकरण (Stimulus Generalization) :- जब व्यक्ति Unconditional Stimulus के प्रति क्रिया सीख लेता है तो वह उस उद्दीपन से मिलते – जुलते अन्य उद्दीपनों के प्रति भी वैसे ही Response करता है। जैसे अलग अलग घंटियों की आवाज़ आने पर भी कुत्ता लार टपका शुरू कर देता है।

2. विलोपन (Extinction) :- अगर Conditioned Stimulus के बाद Unconditioned Stimulus प्रदान न करे तो कुछ समय बाद Response आना बंद हो जाता है। जैसे- घंटी की आवाज़ के बाद अगर खाना न दिया जाए तो कुत्ते की लार आना बंद हो जाएगी

3. विभेद ( Discrimination) :- इसमें व्यक्ति Original Unconditional Stimulus और other Stimulus के बीच विभेद या अंतर् करना शुरू कर देता है। जैसे बहुत सारी घंटिया बजने के बावजूद कुत्ता यह पहचान जाता है कि किस घंटी की – आवाज़ के बाद खाना मिलेगा।

शिक्षा में अनुबंधन सिद्धांत के अनुप्रयोग (Uses of Classical Conditioning Theory in Education)

  • यह सिद्धांत सीखने की स्वाभाविक विधि पर आधारित है।
  • अनुबंधन सिद्धांत पशु-पक्षियों में प्रशिक्षण में सहायता करता है।
  • इस सिद्धांत के उपयोग से मंदबुद्धि बालकों में अधिगम को बढ़ाया जा सकता है।
  • यह सिद्धांत बालकों में अच्छी आदतों के निर्माण में तथा बुरी आदत को छुड़ाने में सहायता करता है।
  • शिक्षण में शिक्षण सहायक सामग्री का उपयोग इसी सिद्धांत के आधार पर किया जाता है।

शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत उदाहरण ( Examples Of Povlov theory )

Povlov theory के शैक्षिक निहितार्थ- विद्यार्थियों ने अच्छी आदतों का निर्माण करना- माता बच्चों को सुबह नींद से जगाती है तो बालक उठ जाता है ये स्वाभाविक उद्दीपक से स्वाभाविक अनुक्रिया हुई, अब माता बालक को उठाने से पहले बल्ब जलाती है बाद में आवाज लगाती है ये क्रिया ज्यादा समय तक होती है तो बालक बल्ब जलते ही उठ जायेगा|

पशुओं के प्रशिक्षण में- यदि सर्कस के शेर के प्रशिक्षण में सिखाया जाता है कि चाबुक से मारने पर शेर रिंग के अन्दर से छलांग लगाता है तो चाबुक से मरना स्वाभाविक उत्तेजक हुआ,यदि चाबुक मारने से पहले किसी भोंपू की आवाज सुने जाती है तो थोड़े ही दिनों में शेर भोंपू व चाबुक से अनुबंध स्थापित कर लेता है और अब मात्र भोंपू बजने से वह छलांग मारता है|

भय दूर करने में- बालक प्राय: पुलिस,डाक्टर,चूहा आदि को देखकर दर जाते है क्योकि उनके साथ वहा अनुबंध स्थापित कर चुके होते है| यदि इनके इस डर को दूर करना है तो प्रति अनुबंध के द्वारा किया जा सकता है |

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पावलव के अनुकूलित अनुक्रिया सिद्धांत पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

प्रश्न- अधिगम से संबंधित पावलव की रचना है

(a) एनिमल इंटेलिजेंस

(b) कंडीशन्ड रिफ्लेक्सेस

(c) डायनेमिक थ्योरी

(d) लर्निंग रिइंफोर्समेंट

ans (b) कंडीशन्ड रिफ्लेक्सेस 

प्रश्न- पावलव का सिद्धांत किस नाम से जाना जाता है –

(a) संबन्ध प्रत्यावर्तन

(b) संबन्ध प्रतिक्रिया

(c) अनुकूलित अनुक्रिया

(d) उपर्युक्त सभी

ans (d) उपर्युक्त सभी

प्रश्न- पावलव के अनुकूलित प्रत्यावर्तन सिद्धांत के बारे में निम्न कथनों पर

(I) यह सिद्धांत नियंत्रित वातावरण में किए गए प्रयोग पर आधारित है

(II) यह सिद्धांत अधिगम के यांत्रिक उपागम पर आधारित विचार कीजिए 

(III) यह सिद्धांत पुनर्बलन पर आधारित है

(IV) यह सिद्धांत सहज क्रियाओं में कोई परिवर्तन करके उन्हें संबंध किया जाता है

(V) पावलव के सिद्धांत में अनुबंध उच्च श्रेणी का अनुकूलन

(a) कथन II, III, IV और / सही है

(b) कथन I, II, III और IV सही है

(c) कथन I, II, IV, और V सही है

(d) कथन II, III और IV सही है

ans (c) कथन I, II, IV, और V सही है

प्रश्न- पावलव के प्रयोग से अधिगम के एक प्रसिद्ध सिद्धांत..का निर्माण हुआ।

(a) सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत

(b) प्रयास एवं त्रुटि के सिद्धांत

(c) पुनर्बलन के सिद्धांत

(d) सबलीकरण के सिद्धांत

ans  (d) सबलीकरण के सिद्धांत

प्रश्न- पावलव के अनुकूलित प्रत्यावर्तन सिद्धांत का शैक्षिक निहितार्थ के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए

(I) यह सिद्धांत जटिल विषयों को सिखाने में उपयोगी नहीं

(II) इस सिद्धांत से अधिगम स्थाई नहीं होता है

(III) अनुशासन के लिए दंड एवं पुरस्कार के सिद्धांत इसी सिद्धांत पर आधारित हैं 

(IV) शिक्षण में दृश्य-श्रव्य उपकरणों का प्रयोग इसी सिद्धांत पर आधारित है

(a) कथन II, III, और IV सही है

(b) कथन I, II, III, और IV सही है

(c) कथन I, II, और ।। सही

(d) कथन | और IV सही है

(b) कथन I, II, III, और IV सही है

प्रश्न- ई पावलाव के प्राचीन अनुबंधन सिद्धांत में भोजन है।

(a) अनुबंधित उद्दीपक

(b) अननुबंधीत उद्दीपक

(c) अनुबंधित अनुक्रिया

(d) अननुंबधित अनुक्रिया

ans (b) अननुबंधीत उद्दीपक

प्रश्न- कुत्ते के साथ पावलव के प्रसिद्ध प्रयोग में, वह शब्द कौन सा था जिसका उपयोग उसे भोजन का वर्णन करने के लिए किया गया था जिसके लिए कुत्ता स्वाभाविक रूप से लार टपकाता था?

(a) स्वाभाविक अनुक्रिया

(b) तटस्थ उद्दीपक

(c) स्वभाविक उद्दीपक

(d) अनुबंधित उद्दीपक

ans (c) स्वभाविक उद्दीपक

 

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