Thorndike Stimulus Response Theory 1898

Thorndike Stimulus Response Theory | थार्नडाइक का उद्दीपक अनुक्रिया सिद्धांत 

  • प्रतिपादन         –            ए एल थार्नडाइक   
  • प्रयोग               –            बिल्ली पर  
  • बुक                  –            एजुकेशन साइकोलॉजि , एनीमल इंटेलीजेंस” (1898), द साइकालजी ऑव लर्निंग , द मेजरमेंट ऑव                                             इंटेलीजेंस , डामेंटल्स   ऑव लर्निंग , ह्यूमन नेचर ऐंड द सोशल आर्डर   

Who is Edward Lee Thorndike? (एडवर्ड थार्नडाइक कोन थे ?)

Thorndike Stimulus Response Theory
एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Lee Thorndike)

एडवर्ड थार्नडाइक ३१ अगस्त 1874 को विलियम्सबर्ग (मैसाचुसेट्स) में उत्पन्न हुए। पशु मनोविज्ञान के गंभीर अध्ययन के अतिरिक्त थार्नडाइक ने सीखने की प्रक्रिया में मानसिक व्यवहार, थकान और पठनक्षमता तथा अन्य कारकों की परीक्षणविधियों के अविष्कार में महत्वपूर्ण योगदान किया

कोलंबिया विश्वविद्यालय के टीचर्स कालेज से संबद्ध रहा था

Thorndike Stimulant verb Experiment (थार्नडाइक का उद्दीपक अनुक्रिया  प्रयोग)

इस अपने प्रयोग में इन्होंने एक भूखी बिल्ली को पिंजड़े में बन्द कर दिया और पिंजड़े के बाहर भोज्य सामग्री रख दी गई। बिल्ली के लिए भोजन उद्दीपक था। उद्दीपक के कारण उनमें प्रतिक्रिया आरम्भ हुई। बिल्ली ने बाहर निकलकर भोजन प्राप्त करने के लिए कई प्रयत्न किये और पिंजड़े के चारों ओर घूमकर कई पंजे मारे और प्रयत्न करते-करते अचानक उस तार को खींच लिया। जिससे पिंजड़े का दरवाजा खुलता था।

दोबारा फिर बन्द करने पर बाहर उसे आने के लिए पहले से कम समय में सफलता मिल गई। तीसरे और चैथे प्रयास में और भी कम प्रयत्नों में सफलता मिल गई और एक परिस्थिति आई, जब एक बार में ही वो दरवाजा खोलकर बाहर आने लगी।

Thorndike Stimulus Response Theory

Thorndike Stimulus Response Theory के उपनाम :

  • S R सिद्धांत
  • संबंधवाद का सिद्धांत
  • बंद का सिद्धांत
  • भूल एवं प्रयास का सिद्धांत
  • प्रयत्न एवं त्रुटि का सिद्धांत
  • बहुप्रतिक्रिया का सिद्धांत
  • सयोजनवाद का सिद्धांत
  • चयन एवं संबंध का सिद्धांतसीखने का संबंध सिद्धांत
  • आवृत्ति का सिद्धांत
  • उत्तेजना प्रतिक्रिया

अधिगम के सिद्धांत के अंतर्गत सीखने के प्रमुख 2 नियमों का उल्लेख किया 

  1. सीखने का मुख्य नियम
  2. सीखने का गौण नियम

Thorndike Stimulus Response Theory

1. सीखने का मुख्य नियम-

  1. तत्परता का नियम
  2. अभ्यास का नियम
  3. प्रभाव का नियम

1. तत्परता का नियम-  ( लॉ ऑफ़ रेडिनस )

पहला नियम यह प्रदर्शित करता है कि बालक तब तक नहीं सीख सकता जब तक वह तत्पर ना अर्थात बालक को अधिगम के दृष्टिकोण से कुछ तभी अधिगम कराया जा सकता है जब वह आंतरिक रूप से कुछ सीखने में रुचि रखता हो।

इसे रूचि का नियम भी कहते हैं

घोड़े को पानी पीने के लिए ले जाया जा सकता है लेकिन उसे पानी पीने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता  Thorndike Stimulus Response Theory

2. अभ्यास का नियम-(लो ऑफ एक्सरसाइज )

अभ्यास का नियम बार-बार अभ्यास से किसी भी कार्य को सरलता से सीखा जा सकता है इसे उपयोग/अनुपयोग भी कहते हैं इसके लिए प्रसिद्ध कहावत है करत करत अभ्यास जड़मति होत सुजान Thorndike Stimulus Response Theory

3. प्रभाव का नियम ( low of  Effect )

प्रभाव या परिणाम का नियम इसे संतोष असंतोष का नियम भी कहते हैं

जैसे सफलता से सफलता मिलती हैं

2. सीखने के सहायक या गौण नियम (Secondary Laws of Learning)

इस नियम के अंतर्गत कुछ नियम इस प्रकार हैं-

  1. बहु अनुक्रिया का नियम-(Law of Multiple Response)
  2. आंशिक क्रिया का नियम (Law of Partial Activity)
  3. समानता का नियम (Law of Analogy)
  4. सहस्त्र परिवर्तन का नियम (Law of Associative shifting)
  5. मानसिक स्थिति का नियम  (Law of Disposition)1.

1. बहु अनुक्रिया का नियम-(Law of Multiple Response)

इस नियम के अनुसार जब हम कोई नया कार्य करना सीखते हैं तब हम उसके प्रति विभिन्न प्रकार की अनुक्रियाएँ करते हैं, इनमें से कुछ अनुक्रियाएँ लक्ष्य प्राप्ति में सहायक नहीं होती हैं, उन्हें हम छोड़ देते हैं, और फिर भूल जाते हैं। हम उन्हीं अनुक्रियाओं का चयन करते हैं, जो लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होती है, इसे ही सीखना कहते हैं।

2. आंशिक क्रिया का नियम (Law of Partial Activity)

यदि बच्चों के सामने किसी समस्या को छोटे-छोटे भागों में विभाजित कर प्रस्तुत किया जाए और एक-एक भाग का समाधान किया जाए तो बच्चे पूरी समस्या को शीघ्रता एवं सुगमता से समझकर सम्पूर्ण कार्य को पूरा कर सकते हैं।

शिक्षक को भी चाहिए कि वे बच्चों के समक्ष समस्या प्रस्तुत करते समय उनके विभिन्न अंगों के विषय में बताएं और उन्हें अलग-अलग हलकर सम्पूर्ण समस्या का समाधान करने के लिए प्रेरित करे । Thorndike Stimulus Response Theory बच्चों को अंश से पूर्ण की ओर बढ़ने के अवसर प्रदान करना चाहिए।

3. समानता का नियम (Law of Analogy)

इस नियम के अनुसार किसी समस्या के प्रस्तुत होने पर पूर्व अधिगम में प्राप्त अनुभव व परिस्थितियों में समानता होने पर नए अधिगम में सहायता प्राप्त होती है जिसके वजह से अधिगम स्थानांतरण होने में मदद मिलती है।

4.  सहस्त्र परिवर्तन का नियम (Law of Associative shifting)

इस नियम के अनुसार अधिगम के दौरान साहचर्य वातावरण का प्रभाव पड़ता है, थार्नडाइक अधिगम नियम के अनुसार- जैसे कुत्ते के मुंह से भोजन को देखकर लार टपकना स्वाभाविक क्रिया है परंतु कुछ समय बाद भोजन भोजन के बर्तन को ही देखकर लार टपकने लगती है। इसे ही साहचर्य परिवर्तन का का नियम कहा गया है।

5. मानसिक स्थिति का नियम  (Law of Disposition)

जब बालक किसी भी कार्य को सीखने के लिए मानसिक रूप से तैयार होता है तो वह उस कार्य को आज जल्दी सीख लेता है और अधिगम प्रक्रिया बहुत अधिक प्रभावी होती है लेकिन बालक मानसिक रूप से तैयार नहीं होता जब तो बालक को अधिगम नहीं कराया जा सकता।

What is bloom theory?