What is Blooms Taxonomy | ब्लूम का वर्गीकरण 2022

Blooms Taxonomy ( ब्लूम का वर्गीकरण ) : तीन स्तरों का एक समूह है जो कि श्रेणीबद्ध है तथा इसका उपयोग शैक्षिक शिक्षण उद्देश्यों को जटिलता और विशिष्टता के स्तरों में वर्गीकृत करने के लिए किया जाता है।

What is Blooms Taxonomy
बेंजामिन ब्लूम

 

Objectives Of Taxonomy of Education (ब्लूम वर्गीकरण

के उद्देश्य) :

ब्लूम के वर्गीकरण (Blooms Taxonomy) का सिद्धांत बेंजामिन ब्लूम ने 1956 में दिया था। बेंजामिन ब्लूम जो कि अमेरिका के निवासी थे उन्होंने अपने वर्गीकरण में बालक द्वारा उसके उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए अधिगम के मुख्य तीन पक्ष बताए हैं-

उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए अधिगम के मुख्य तीन पक्ष बताए हैं-

  1. संज्ञानात्मक पक्ष- दिमाग से संबंधित
  2. भावात्मक पक्ष- भावनाओं से संबंधित
  3. क्रियात्मक पक्ष-     शारीरिक कार्यकलापों से संबंधित

1. संज्ञानात्मक पक्ष (Cognitive Domain of Blooms Taxonomy)

1. ज्ञान (Knowledge)

इसके अंतर्गत बच्चों को ऐसा ज्ञान दिया है जो अकसर उसे आसानी से याद रहता है। बालक इस प्रकार के ज्ञान को बुद्धि में संचित कर के रखता है तथा पुनः प्रत्यास्मरण कर उस ज्ञान का प्रयोग करता है।

2. बोध (Understanding):

बोध के अंतर्गत बालक को जो ज्ञान दिया जाता है उस ज्ञान के प्रति उसकी समझ को विकसित किया जाता है। अब इसमें बालक ने जो याद किया था उसको समझ पाता है। इसके अंतर्गत बालक समझ पता है कि केला क्या होता है, खरगोश क्या है आदि।

3. अनुप्रयोग (Application) :

इसके अंतर्गत बालक परिस्थिति के अनुसार प्राप्त किए गए ज्ञान का प्रयोग करता है।

4. विश्लेषण (Analysis) :

इसके अंतर्गत हम प्राप्त किए गए ज्ञान को अलग-अलग करके समझना सीखते हैं।

5. संश्लेषण (Synthesis) :

इसके अंतर्गत बालक प्राप्त किए गए विभिन्न ज्ञान को एक साथ जोड़कर एक नई संरचना का निर्माण करता है।

6. मूल्यांकन (Evaluation):

संज्ञानात्मक पक्ष (Cognitive Domain of Blooms Taxxonomy)
संज्ञानात्मक पक्ष (Cognitive Domain of Blooms Taxonomy)

इसके अंतर्गत बालक द्वारा प्राप्त किए गए ज्ञान का मूल्यांकन किया जाता है। अर्थात इसके अंतर्गत यह पता लगाया जाता है कि बालक ने कितना सीखा है।

 ब्लूम वर्गीकरण 2001 | Revised Bloom Taxonomy 2001

ब्लूम के वर्गीकरण (Bloom Taxonomy) में संशोधित रूप एंडरसन और कृतवोल ने दिया। इन्होंने वर्तमान की आवश्यकताओं को देखते हुए उसमे कुछ प्रमुख परिवर्तन किये। जिसे रिवाइज्ड ब्लूम वर्गीकरण (Revised bloom taxonomy) के नाम से जाना जाता हैं।

  1. स्मरण (Remembering) –प्राप्त किये गये ज्ञान को अधिक समय तक अपनी बुद्धि (Mind) में संचित रख पाना एवं समय आने पर उसको पुनः स्मरण (recall) कर पाना स्मरण शक्ति का गुण हैं।
  2. समझना (Understanding) – प्राप्त किया गया ज्ञान का उपयोग कब, कहा और कैसे करना है यह किसी व्यक्ति के लिए तभी सम्भव हैं जब वह प्राप्त किये ज्ञान को सही तरीके से समझे।
  3. लागू करना (Apply) – जब वह ज्ञान समझ में आ जाये जब पता चल जाये कि इस ज्ञान का प्रयोग कब,कहा और कैसे करना हैं तो उस ज्ञान को सही तरीके से सही समय आने पर उसको लागू करना।
  4. विश्लेषण (Analysis) – उस ज्ञान को लागू करने के पश्चात उसका विश्लेषण करना अर्थात उसको तोड़ना उसको छोटे-छोटे भागों में विभक्त करना।
  5. मूल्यांकन (Evaluate) – विश्लेषण करने के पश्चात उसका मूल्यांकन करना कि जिस उद्देश्य से उसकी प्राप्ति की गयी है वह उस उद्देश्य की प्राप्ति कर रहा हैं या नहीं इसका पता हम उसका मूल्यांकन करके कर सकते हैं।
  6. रचना (Creating) – मूल्यांकन करने के पश्चात उस स्मरण में एक नयी विचार का निर्माण होता हैं जिससे एक नवीन विचार की रचना होती हैं।

2. भावात्मक पक्ष

Blooms Taxonomy (भावनाओं से संबंधित) भावात्मक पक्ष का वर्गीकरण क्रयवाल एवं मारिया ने 1964 में किया। भावात्मक पक्ष का तात्पर्य छात्रों की भावनाओं से संबंधित है। भावनात्मक पक्ष के अंतर्गत अध्यापक छात्रों को प्रकरण से भावनाओं के द्वारा जोड़ने का प्रयास करते हैं। अतः इसके अंतर्गत अध्यापक छात्रों के भावा त्मक पक्ष का विकास करते हैं

भावात्मक पक्ष से तात्पर्य हैं कि उस प्रत्यय (Topic) के प्रति छात्रों के भावात्मक (गुस्सा,प्यार,चिढ़ना, उत्तेजित होना, रोना आदि) रूप का विकास करना।

  1. अनुकरण (Receiving) – भावात्मक उद्देश्य (Effective Domain) की प्राप्ति के लिए सर्वप्रथम बालको को अनुकरण (नकल) के माध्यम से ज्ञान प्रदान करना चाहिए। एक अध्यापक को छात्रों को पढ़ाने के समय उस प्रकरण का भावात्मक पक्ष को महसूस कर उसको क्रियान्वित रूप देना चाहिये जिससे छात्र उसका अनुकरण कर उसको महसूस कर सकें।
  2. अनुक्रिया (Responding) – तत्पश्चात अनुकरण कर उस अनुकरण के द्वारा क्रिया करना अनुक्रिया कहलाता हैं।
  3. अनुमूल्यन (Valuing) – उस अनुक्रिया के पश्चात हम उसका मूल्यांकन करते है कि वह सफल सिध्द हुआ कि नहीं।
  4. संप्रत्यय (Conceptualization) – हम उसके सभी पहलुओं पर एक साथ विचार करते हैं।
  5. संगठन (Organization) – उस प्रकरण को एक स्थान में रखकर उसके बारे में चिंतन करते हैं उसमें विचार करना शुरू करते हैं।
  6. चारित्रीकरण (Characterization) – तत्पश्चात हम उस पात्र का एक चरित्र निर्माण करते हैं जिससे हमारे भीतर उसके प्रति एक भाव उत्त्पन्न होता हैं जैसे गुंडो के प्रति गुस्से का भाव हीरो के प्रति सहानुभूति वाला भाव आदि।

3.क्रियात्मक पक्ष-

Bloom taxonomy के अंतर्गत मनोशारीरिक उद्देश्य का निर्माण सिम्पसन ने 1969 में किया। इन्होंने ज्ञान के क्रियात्मक पक्ष पर बल देते हुए निन्म बिंदुओं को प्रकाशित किया।

  1. उद्दीपन (Stimulation) – उद्दीपन से आशय कुछ ऐसी वस्तु जो हमे अपनी ओर आकर्षित करती हैं तत्पश्चात हम उसे देखकर अनुक्रिया करतें हैं जैसे भूख लगने पर खाने की तरफ क्रिया करते हैं इस उदाहरण में भूख उद्दीपन हुई जो हमें क्रिया करने के लिये उत्तेजित कर रहीं हैं।
  2. कार्य करना (Manipulation) – उस उद्दीपन के प्रति क्रिया हमको कार्य करने पर मजबूर करती हैं।
  3. नियंत्रण (Control) उस क्रिया पर हम नियंत्रण रखने का प्रयास करते हैं।
  4. समन्वय (Coordination)उसमें नियंत्रण रखने के लिए हम उद्दीपन ओर क्रिया के मध्य समन्वय स्थापित करते हैं।
  5. स्वाभाविक (Naturalization) – वह समन्वय करते करते एक समय ऐसा आता हैं कि उनमें समन्वय स्थापित करना हमारे लिए सहज हो जाता हैं हम आसानी के साथ हर परिस्थिति में उनमें समन्वय स्थापित कर पाते हैं वह हमारा स्वभाव बन जाता हैं।
  6. आदत ( Habit formation)वह स्वभाव में आने के पशचात हमारी आदत बन जाता है। ऐसी परिस्थिति दुबारा आने के पश्चात हम वही क्रिया एवं प्रतिक्रिया हमेशा करते रहते हैं जिससे हमारे अंदर नयी आदतों का निर्माण होता हैं।

सीखने के परिणामों के साथ ब्लूम कैसे काम करता है ? (How Bloom work with learning outcomes ) :

Blooms Taxonomy Outcomes : जैसा कि आप देख सकते हैं, तालिका में कुछ क्रियाएं ब्लूम के वर्गीकरण के एक से अधिक स्तरों से जुड़ी हो सकती हैं। ये “बहुस्तरीय-क्रियाएं” ऐसे कार्य हैं जिनका उपयोग विभिन्न संदर्भों में किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, परिणाम पढ़ा जा सकता है, “छात्र इस कक्षा के अंत तक H2O और OH- के बीच के अंतर को समझने में सक्षम होंगे।” यह समझ के स्तर पर एक परिणाम होगा।

विद्यार्थियों को “… कई चरणों के दौरान पानी की आणविक संरचना में परिवर्तन को समझने” में सक्षम होने की आवश्यकता होगी, हालांकि, यदि आप वास्तव में उन्हें चाहते थे। यह विश्लेषण स्तर की क्रिया होगी।

आपको ब्लूम के क्रिया चार्ट देख सकते हैं, जो कि हम यहां जो दिखाते हैं, उससे भिन्न स्तरों पर क्रियाओं को सूचीबद्ध करते हैं, जो भ्रम को बढ़ाते हैं। बस ध्यान रखें कि ब्लूम का टैक्सोनॉमी स्तर उस कौशल, क्रिया या क्रिया से निर्धारित होता है जिसे आप उस शब्द का उपयोग करके शिक्षित करेंगे।

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FAQ’s About Blooms Taxonomy

Q1. उद्देश्य: इकाई के पूर्ण होने पर शिक्षार्थी कहानी की मुख्य घटनाओं को व्याकरण शुद्ध रूप में संक्षिप्त कर सकेंगे। यह किस ज्ञानात्मक उद्देश्य से संबंधित हैं?

(A) मूल्यांकन

(B) समझ

(C) ज्ञान का प्रयोग

(D) संश्लेषण

ans  (B) समझ 

Q 2. शिक्षा में उद्देश्यों का वर्गीकरण दिया गया है?
(A) आई के डेविड द्वारा
(B) बी एस ब्लूम द्वारा
(C) स्मिथ द्वारा
(D) जॉन डेवी द्वारा

ans  (B) बी एस ब्लूम द्वारा

Q.3 संज्ञानात्मक क्षेत्र का उच्चतम स्तर है?

(A) संश्लेषण

(B) व्यापक

(C) विश्लेषण

(D) मूल्यांकन

ans (D) मूल्यांकन

Q4. एक शिक्षक के रूप में अपने अपने छात्रों से हमारे जीवन पर प्रदूषण के प्रभाव को समझाते हुए एक निबंध लिखने के लिए कहा इस कार्यभार से ब्लूम के वर्गीकरण के कौन से संज्ञानात्मक स्तर की व्याख्या की गई है?

(A) ज्ञान

(B) समझ

(C) संप्रयोग

(D) विश्लेषण

ans (C) संप्रयोग 

Q5. बालक सोचने विचारने के बाद सही निर्णय ले सकता है यह किस प्रकार का उद्देश्य है?

(A) अभिरुचि

(B) कौशल

(C) अवबोध

(D) मूल्यांकन

ans  (D) मूल्यांकन